Personal Accident Insurance: आज के समय में दुर्घटनाएँ अचानक हो जाती हैं और इनका असर केवल शारीरिक ही नहीं बल्कि आर्थिक रूप से भी पड़ता है। कई बार एक हादसा पूरे परिवार की आर्थिक स्थिति को हिला देता है। ऐसे में पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस (Personal Accident Insurance) बहुत मददगार साबित होता है। यह इंश्योरेंस न सिर्फ मेडिकल खर्चों को कवर करता है बल्कि दुर्घटना के बाद होने वाले स्थायी या अस्थायी नुकसान पर भी आर्थिक सहायता देता है।
लेकिन अक्सर लोग केवल बेसिक कवरेज लेकर ही रुक जाते हैं और कई अहम कवरेज मिस कर जाते हैं। आइए जानते हैं कि पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस के अंदर कौन-कौन से कवरेज आपको ध्यान में रखने चाहिए।
1. Personal Accident Insurance Accidental Death Cover (दुर्घटना से मौत पर कवरेज)
यह पॉलिसी का सबसे बेसिक हिस्सा होता है। अगर पॉलिसीधारक की मृत्यु किसी एक्सीडेंट की वजह से हो जाती है तो नामित नॉमिनी को तय की गई रकम मिलती है। यह रकम परिवार की आर्थिक सुरक्षा के लिए बहुत ज़रूरी होती है।
2. Permanent Total Disability Cover (स्थायी और पूर्ण विकलांगता कवरेज)
कई बार हादसे में व्यक्ति पूरी तरह काम करने की स्थिति में नहीं रहता, जैसे दोनों पैरों या दोनों हाथों का काम न करना। ऐसी स्थिति में इंश्योरेंस कंपनी आपको पूरी बीमा राशि देती है।
3. Permanent Partial Disability Cover (आंशिक विकलांगता कवरेज)
Personal Accident Insurance अगर हादसे में किसी अंग को आंशिक नुकसान हो जाता है, जैसे एक हाथ या एक पैर का काम न करना, तो इंश्योरेंस कंपनी तय अनुपात में बीमा राशि देती है। यह कवरेज अक्सर लोग मिस कर देते हैं।
4. Temporary Total Disability Cover (अस्थायी विकलांगता कवरेज)
कभी-कभी एक्सीडेंट के बाद व्यक्ति कुछ महीनों तक काम नहीं कर पाता। इस दौरान उसकी आमदनी रुक जाती है। ऐसे हालात में इंश्योरेंस कंपनी हर महीने निश्चित रकम देती है ताकि घर का खर्च चलता रहे।
5. Hospitalization Expenses Cover (अस्पताल खर्च कवरेज)
Personal Accident Insurance दुर्घटना के बाद इलाज और अस्पताल के बिल बहुत महंगे हो सकते हैं। अगर आपके पास यह कवरेज है तो पॉलिसी आपके मेडिकल खर्चों, ऑपरेशन फीस और दवाइयों का भुगतान करती है।
6. Ambulance Charges Cover (एम्बुलेंस खर्च कवरेज)
अक्सर छोटे-छोटे खर्चे भी बड़ा बोझ बन जाते हैं। एम्बुलेंस चार्ज भी उसी में से एक है। कई पॉलिसियों में एम्बुलेंस खर्च कवर नहीं होता, लेकिन अगर आप यह ऐड-ऑन लेते हैं तो ये खर्चे भी शामिल हो जाते हैं।
7. Family Transportation & Repatriation (परिवार परिवहन और शव वापसी)
अगर दुर्घटना कहीं बाहर होती है तो परिवार के लिए ट्रैवल खर्च और मृतक के शव को घर तक लाने का खर्च भी इंश्योरेंस कंपनी कवर करती है। यह कवरेज बहुत कम लोग लेते हैं लेकिन यह बेहद महत्वपूर्ण है।
8. Children Education Benefit (बच्चों की शिक्षा का लाभ)
कुछ पॉलिसियों में दुर्घटना के बाद अगर कमाने वाले सदस्य की मृत्यु हो जाती है तो कंपनी बच्चों की पढ़ाई के लिए विशेष सहायता राशि देती है। यह परिवार के भविष्य को सुरक्षित करने में मदद करता है।
9. Burns & Broken Bones Cover (जलने और हड्डी टूटने पर कवरेज)
कभी-कभी हादसे में व्यक्ति गंभीर रूप से जल जाता है या हड्डियां टूट जाती हैं। इस स्थिति में इलाज लंबे समय तक चल सकता है। कुछ पॉलिसियाँ इस पर भी मुआवज़ा देती हैं।
10. Loan Protection Cover (लोन प्रोटेक्शन कवरेज)
अगर पॉलिसीधारक की मृत्यु हो जाए और उसके ऊपर कोई लोन बाकी हो, तो यह कवरेज बैंक या फाइनेंस कंपनी को बकाया राशि चुकाने में मदद करता है ताकि परिवार पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।
क्यों ज़रूरी है सभी कवरेज को समझना?
अक्सर लोग केवल Accidental Death Cover लेकर ही संतुष्ट हो जाते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि दुर्घटना के बाद केवल मृत्यु ही नहीं, बल्कि अस्थायी या स्थायी चोटें भी बड़ी समस्या बन सकती हैं।
अगर आपने केवल बेसिक प्लान लिया है और बाकी कवरेज मिस कर दिए हैं, तो आपको हादसे के समय बड़ी आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए पॉलिसी खरीदने से पहले सभी कवरेज को ध्यान से पढ़ें और अपनी ज़रूरत के हिसाब से सही विकल्प चुनें।
निष्कर्ष
Personal Accident Insurance केवल एक औपचारिकता नहीं बल्कि परिवार की सुरक्षा का अहम हिस्सा है। दुर्घटना के बाद केवल इलाज ही नहीं बल्कि परिवार की रोजमर्रा की ज़िंदगी, बच्चों की पढ़ाई और लोन जैसी जिम्मेदारियों को भी सुरक्षित रखना ज़रूरी है।
अगर आप पॉलिसी लेने जा रहे हैं तो सिर्फ बेसिक कवरेज पर न रुकें। सभी उपलब्ध कवरेज को ध्यान से देखें और जो आपकी ज़रूरतों के हिसाब से सही लगे उसे जरूर शामिल करें।